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     विप्र महाराष्ट्र मण्डल

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जय श्री राम समर्थ सद्गुरु सन्त श्री सीताराम महाराज जी की जय, समर्थ सद्गुरु सन्त श्री केशवदास महाराज जी की जय, समर्थ सद्गुरु सन्त श्री कृष्णानन्द महाराज जी की जय, विप्र महाराष्ट्र मंडल समाज के गठन का पूर्व में मुख्य उद्देश्य महाराष्ट्र से बाहर रहने वाले सभी मराठी भाषी ब्राह्मणों का एक समूह या संगठन निर्माण करना और अपनी धार्मिक, सांस्कृतिक विचारधारा को सहेजना व बनाए रखना एवं समाज के विभिन्न वर्गों के निरंतर विकास में भूमिका निभाना है जो पूर्व के पदाधिकारियों द्वारा निर्बाध रूप से निभाई गई।. उनके कार्यों को वर्तमान समिति द्वारा हृदय से धन्यवाद प्रदान कर 13 अक्टूबर 2024 को अपना पदभार ग्रहण किया गया।

वर्तमान समय के अध्यक्ष श्री रितेश रत्नाकर पांडे द्वारा वर्तमान समय की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए निम्न योजनाओं को लागू किया संगठित समाज समर्थ समाज विप्र महाराष्ट्र मण्डल का गठन करने का उद्देश्य समाज के प्रत्येक व्यक्ति को एक साथ लाना व एक ऐसे संगठन का निर्माण करना है जो समाज के प्रयेक व्यक्ति की समस्या को अपनी समझकर उसको यथासंभव हल करने का प्रयास करें व शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोजगारी को दूर करने के साथ ही साथ नई पीढ़ी को अच्छे संस्कार व धर्म का ज्ञान कर शारिरिक, मानसिक व आर्थिक रूप से सुदृढ़ता प्रदान करना है।विप्र महाराष्ट्र मण्डल छिंदवाड़ा में जन्म लिए व निवास करने वाले प्रत्येक महाराष्ट्रियन ब्राह्मणों को अपना सदस्य मानता है चाहे उसने इसकी सदस्यता ली हो अथवा नहीं।

विप्र महाराष्ट्र मण्डल द्वारा किये जाने वाले कार्य-

  • समाज के निराश्रित व्यक्ति की मृत्यु का समस्त खर्च मण्डल द्वारा किया जाएगा।
  • समाज के किसी भी परिवार में मृत्यु होने पर पहले दिन की भोजन व्यवस्था मण्डल द्वारा की जाएगी।
  • आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए शिक्षा हेतु यथायोग्य सहयोग करना व नि:शुल्क शिक्षा की व्यवस्था करना।
  • युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा व रोजगार, व्यवसाय कैसे करें इसकी जानकारी देने हेतु संगोष्ठी का आयोजन करना
  • प्रतिभावान छात्रों, युवाओं को आगे बढ़ने में यथासंभव मदद करना।
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